भाजपा मंडल के बाद आसनसोल जिला विश्व हिंदू परिषद कमेटी भी भंग, वरिष्ठ सदस्य मनोज सराफ भी अलग रानीगंज। रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के रानीगंज रेलवे स्टेशन के समीप 16 अगस्त को विश्व हिंदू परिषद एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हाथापाई और मारपीट तथा इसके बाद रानीगंज थाना पहुंचकर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा थाना प्रभारी के साथ उत्तेजित होकर बातचीत किए जाने की घटना को लेकर संगठनात्मक स्तर पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। पहले रानीगंज भाजपा मंडल को भंग किए जाने के बाद अब आसनसोल जिला विश्व हिंदू परिषद की कमेटी को भी भंग कर दिया गया है। बताया जा रहा है वर्चुअल बैठक में हाल के घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा के बाद आसनसोल जिला विश्व हिंदू परिषद कमेटी को भंग करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही रानीगंज के वरिष्ठ विश्व हिंदू परिषद सदस्य मनोज सराफ को भी वर्तमान कमेटी की जिम्मेदारियों से अलग कर दिया गया है। भाजपा मंडल को भंग किए जाने के बाद से ही राजनीतिक एवं संगठनात्मक हलकों में यह चर्चा चल रही थी कि रेलवे स्टेशन की घटना में भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के बावजूद विश्व हिंदू परिषद के संगठन को इससे अलग क्यों रखा गया। अब आसनसोल जिला विहिप कमेटी को भंग किए जाने के बाद इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि 16 अगस्त से भाजपा एवं विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद को लेकर तनाव बना हुआ था। ताजा संगठनात्मक कार्रवाई के बाद फिलहाल दोनों संगठनों के बीच चल रहे विवाद पर विराम लगने के संकेत मिले हैं। कोलकाता और तारापीठ अग्निकांड से सबक, रानीगंज में होटल-अस्पतालों की जांच शुरू रानीगंज। कोलकाता और बीरभूम के तारापीठ स्थित होटल में हाल में हुई आगजनी की घटनाओं से सबक लेते हुए पश्चिम बर्दवान जिले में अग्नि सुरक्षा को लेकर जांच अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में रानीगंज अंचल में भी दमकल विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने कई होटल एवं अस्पतालों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। रानीगंज के पंजाबी मोड़ इलाके में दमकल विभाग एवं पुलिस कर्मियों की संयुक्त टीम ने विभिन्न होटल और अस्पतालों में पहुंचकर सुरक्षा मानकों की जांच की। इस दौरान अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास, बिजली व्यवस्था, आग लगने की स्थिति में बचाव के इंतजाम तथा अन्य सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों को अग्नि सुरक्षा नियमों का गंभीरता से पालन करने का निर्देश दिया। साथ ही जहां भी सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई जाएगी, वहां आवश्यक सुधार करने के लिए कहा गया है। बताया गया कि कोलकाता एवं तारापीठ में आग लगने की घटनाओं के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने होटल, अस्पताल सहित सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। रानीगंज में शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में अन्य इलाकों में भी जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी बड़ी दुर्घटना से पहले सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है, ताकि भविष्य में आगजनी जैसी घटनाओं में जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।