मोबाइल-इंटरनेट के चक्रव्यूह से बच्चों को निकालने में शतरंज की अहम भूमिका : पार्थ घोष

रानीगंज। मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव के बीच बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए खेलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। खासकर शतरंज जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों में एकाग्रता, सोचने और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती हैं। यह बात रानीगंज के विधायक व आईसी पार्थ घोष ने रविवार को रानीगंज में आयोजित ओपन रैपिड शतरंज प्रतियोगिता के उद्घाटन के दौरान कही।

स्पोर्ट्स असेंबली, रानीगंज के तत्वावधान में पश्चिम बर्धमान जिला शतरंज संस्था के सहयोग तथा सारा बांग्ला शतरंज संस्था के अधीन एनएसबी रोड स्थित स्पोर्ट्स असेंबली सभागार में प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 135 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।
उद्घाटन करते हुए पार्थ घोष ने कहा कि आज बच्चे मोबाइल और इंटरनेट के चक्रव्यूह में तेजी से फंस रहे हैं। ऐसे समय में शतरंज जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों को मानसिक रूप से सक्रिय रखने और उनकी प्रतिभा को सही दिशा देने में सार्थक भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम में स्पोर्ट्स असेंबली के अध्यक्ष सौरव खेतान, सचिव श्रवण कनोडिया, कोषाध्यक्ष सतीश बगरिया, परियोजना अध्यक्ष अरुण भार्तिया व स्मित झुनझुनवाला तथा खेल समिति के सदस्य सैकत सराफ सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।