
रानीगंज। बीएमएस कार्यालय के सभागार में मंगलवार को संगठन की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राष्ट्रीय मंत्री अरविंद मिश्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हुए राजनीतिक परिवर्तन में समाज के विभिन्न वर्गों की भूमिका रही है। वर्तमान परिस्थितियों में सरकार और श्रमिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रदेश में औद्योगिक विकास तथा श्रमिक हितों को आगे बढ़ाने पर विचार आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास के साथ उसमें कार्यरत श्रमिकों के हितों की रक्षा भी प्राथमिकता होनी चाहिए।
बीएमएस राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य एवं जूट व टेक्सटाइल संगठन के प्रभारी जय नाथ चौबे ने कहा कि संगठन की कार्यपद्धति राष्ट्रहित और सनातन परंपरा पर आधारित रही है। उन्होंने कहा कि बीएमएस ने हमेशा स्वतंत्र रूप से श्रमिक हितों के लिए कार्य किया है। औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना से लेकर श्रमिकों की समस्याओं के समाधान तक संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वर्तमान परिस्थितियों में सरकार और श्रमिक संगठन के बीच समन्वय को लेकर बैठक में विचार-विमर्श किया गया।
बीएमएस के राज्य अध्यक्ष उज्ज्वल चटर्जी ने अध्यक्षीय वक्तव्य में कोयलांचल की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि ठेका श्रमिकों को उनके मूलभूत अधिकार और न्यूनतम पारिश्रमिक सुनिश्चित कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कोयलांचल के औद्योगिक विकास में छोटे-बड़े उद्योगों के साथ जुड़े आपूर्तिकर्ताओं और ठेकेदारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन वर्तमान में उनकी स्थिति चुनौतीपूर्ण है। उन्हें भी आवश्यक सहयोग मिलना चाहिए।
बैठक में कोयला उद्योग के क्षेत्रीय अध्यक्ष हिमांशु बड़कर, महेंद्र गुप्ता, संजय कुमार सिंह सहित पांच जिलों तथा कोयलांचल संगठन के विभिन्न पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।