
बादाम बागान में भू-धंसान से रानीगंज के पश्चिमी इलाके में दहशत, डेंजर जोन घोषित

रानीगंज। रानीगंज थाना क्षेत्र के बादाम बागान इलाके में जमीन धंसने की घटना से पश्चिमी रानीगंज क्षेत्र में एक बार फिर लोगों में भय का माहौल है। अचानक जमीन में दरार और धंसान की घटना के बाद आसपास रहने वाले लोग चिंतित हैं। वहीं इस क्षेत्र में स्थित निजी विद्यालय के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बताया जाता है कि यह इलाका पहले से ही भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित रहा है। वर्ष 1991 में हुई महावीर खान दुर्घटना के दौरान इसी क्षेत्र से कैप्सूल के माध्यम से 56 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। पूरा इलाका खनन प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है।
भाजपा के स्थानीय नेता उज्ज्वल मांझी ने बताया कि इस घटना की जानकारी विधायक अग्निमित्रा पाल को भी दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण में भू-माफियाओं ने इस क्षेत्र में अवैध तरीके से जमीन की प्लॉटिंग कर बिक्री की, जबकि यह क्षेत्र ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के अधीन आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें इलाके के पुराने इतिहास की जानकारी नहीं थी, जिसके कारण कई लोगों ने यहां मकान बना लिए।
इसी क्षेत्र में टेक्नो इंडिया समूह का एक विद्यालय भी संचालित है, जहां सैकड़ों छात्र पढ़ाई करते हैं। बारिश के कारण अब जमीन में धंसान बढ़ने लगी है, जिससे आसपास के लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
स्थानीय निवासी रोहित कुमार राय ने बताया कि कुछ दिन पहले तक यह केवल एक छोटा गड्ढा दिखाई दे रहा था, लेकिन अब स्थिति गंभीर हो गई है। करीब 73 स्थानों पर जमीन धंसने की बात सामने आई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद ईसीएल की ओर से इलाके की घेराबंदी कर इसे डेंजर जोन घोषित किया गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस खतरनाक क्षेत्र में रहने वाले लोगों और विद्यालय की सुरक्षा को लेकर प्रशासन एवं ईसीएल की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।