
दामोदर का जलस्तर बढ़ा, तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा
मेजिया-साल्टोरा क्षेत्र में कई घरों में घुसा पानी, विधायक चंदना बावड़ी ने किया दौरा

रानीगंज। बांकुड़ा जिले के मेजिया-साल्टोरा क्षेत्र में दामोदर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांवों में बाढ़ का असर दिखाई देने लगा है। मैथन डैम से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे साल्टोरा, मेजिया, कालिदासपुर, गोविंदपुर सहित आसपास के कई गांवों के खेत-खलिहान पानी में डूब गए हैं। कई घरों में भी पानी प्रवेश कर जाने से ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से राहत एवं सहायता पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारी प्रभावित इलाकों का जायजा ले रहे हैं और जरूरतमंद लोगों तक खाद्य सामग्री तथा आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई जा रही हैं।
इसी क्रम में साल्टोरा के विधायक चंदन बावड़ी ने शनिवार को प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों की स्थिति का जायजा लेते हुए खाद्य सामग्री, दवाइयां, तिरपाल एवं प्लास्टिक सहित आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई।
इस दौरान विधायक चंदन बावड़ी ने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इस बार प्रशासन और सरकार पूरी तरह सतर्क है। प्रभावित लोगों तक समय रहते आवश्यक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पिछली सरकार पर क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय क्षेत्र में आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई। भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
दामोदर नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।