
सामूहिक सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ में शामिल हुए छोटे सरकार, सनातन मूल्यों पर दिया जोर
रानीगंज। स्थानीय श्री सीताराम जी मंदिर प्रांगण में आयोजित सामूहिक सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा पाठ कार्यक्रम में खंडवा, मध्य प्रदेश स्थित धूनीवाले दादा गुरु आश्रम के प्रमुख एवं “छोटे सरकार” के नाम से प्रसिद्ध संत ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सनातन धर्म, गुरु परंपरा और युवा पीढ़ी की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल का भविष्य उज्ज्वल है और सनातन समाज द्वारा किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों का आने वाले समय में बेहतर परिणाम देखने को मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राज्य एक बार फिर देश को मार्गदर्शन देने वाली अपनी गौरवशाली पहचान स्थापित करेगा। छोटे गुरु ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है, इसलिए उनमें धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता आवश्यक है।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत भगवान श्रीराम और भगवान शिव की पावन भूमि है। श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा और धर्म का प्रतीक है, जबकि भगवान शिव सृष्टि और कल्याण के स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि सनातनियों पर ईश्वर एवं मातृशक्ति का विशेष आशीर्वाद बना हुआ है।

एक प्रश्न के उत्तर में छोटे गुरु ने कहा कि गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च और मार्गदर्शक का रहा है। गुरु परंपरा व्यक्ति को सही दिशा प्रदान करती है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि युवाओं के मन और आत्मा में ईश्वर के प्रति श्रद्धा एवं आध्यात्मिक भाव का प्रवेश होना अत्यंत आवश्यक है। आज भजन-कीर्तन के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ी है, लेकिन आस्था को और अधिक गहराई से आत्मसात करने की आवश्यकता है। ईश्वर प्राप्ति के मार्ग में भजन-कीर्तन का भी महत्वपूर्ण स्थान है।
कार्यक्रम के दौरान गुरु परंपरा के अनुसार गुरु वंदना, पूजा-अर्चना एवं गुरु पूजन संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के अनुरूप छोटे गुरु का सम्मान किया तथा उनके चरण पखारकर आशीर्वाद प्राप्त किया। सुंदरकांड पाठ का वाचन सुषमा शर्मा ने किया, जबकि भजन गायक विवेक बागड़िया ने अपने भजनों की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का संयोजन अशोक अरोड़ा ने किया। मंदिर समिति की ओर से ललित झुनझुनवाला, प्रदीप सराय सहित अन्य सदस्यों ने छोटे गुरु का अभिनंदन किया। अंत में अतिथियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया।