रिकॉर्ड तालाबों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: विधायक पार्थो घोष

रानीगंज। रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के जीराडांगा इलाके में कथित रूप से तालाब भरने की सूचना मिलने पर विधायक पार्थो घोष मंगलवार देर रात स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली तथा आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मौके पर विधायक ने स्पष्ट कहा कि रानीगंज विधानसभा क्षेत्र में जितने भी रिकॉर्डेड (राजस्व अभिलेखों में दर्ज) तालाब और जलाशय हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर भरने या उन पर अवैध निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जलाशयों का संरक्षण पर्यावरण और जनहित दोनों के लिए आवश्यक है तथा इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विधायक ने बताया कि उन्होंने रानीगंज के ऐतिहासिक राजा बांध तालाब का भी निरीक्षण किया है। उनके अनुसार वहां भी सुनियोजित ढंग से अतिक्रमण और भराव की शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था तालाबों को भरने अथवा उन पर अवैध निर्माण करने का प्रयास करेगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा, “मंगलपुर हो या विधानसभा क्षेत्र का कोई अन्य इलाका, कहीं भी तालाबों को पाटकर निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। यह पर्यावरण और कानून दोनों के खिलाफ है।”
एक सवाल के जवाब में विधायक ने कहा कि इस तरह की शिकायतें लगातार मिल रही हैं और प्रशासन प्रत्येक मामले की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और अवैध कार्यों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, मंगलपुर क्षेत्र में लगभग 151 बीघा भूमि में फैले एक बड़े जलाशय को कथित रूप से भरने का प्रयास किए जाने का मामला भी सामने आया है। इस संबंध में हाल ही में भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्थल का निरीक्षण कर दावा किया कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज है और उसे भरने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, इस पूरे प्रकरण को लेकर सूचना के अधिकार (RTI) के माध्यम से भी जानकारी मांगी गई है। उद्योग स्थापना के नाम पर जलाशय भरने की कथित अनुमति और उससे संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की गई है। अब स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।