थाना में तरक करना महंगा पड़ा भाजपा के कार्यकर्ताओं को

रानीगंज भाजपा में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल, मंडल-1 समिति भंग; थाना विरोध के बीच दो नेता हिरासत में रानीगंज। रानीगंज में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भाजपा आसनसोल सांगठनिक जिला में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया गया है। जिला अध्यक्ष देबतानु भट्टाचार्य द्वारा 18 अगस्त को जारी पत्र के माध्यम से रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के मंडल-1 की समिति को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। मोर्चा समितियों को इस आदेश से अलग रखा गया है। नई मंडल समिति के गठन तक संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन के लिए कोर कमेटी गठित की गई है। पार्टी के आदेश के अनुसार मंडल-1 के नेता आनंद साव तथा आसनसोल सांगठनिक जिला के जिला सचिव बादशाह चटर्जी को उनकी सभी सांगठनिक जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है। देवजीत खान को कोर कमेटी का संयोजक, जबकि डॉ. राजा भौमिक और शताब्दी चटर्जी को सह-संयोजक बनाया गया है। दिनेश सोनी, शंकर साव, मोनु कुमार वर्मा, देबाशीष केवड़ा और शोभा देवी यादव को समिति में सदस्य की जिम्मेदारी दी गई है। इसी बीच, रानीगंज रेलवे स्टेशन के निकट हाल में हुई संघर्ष की घटना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई। घटना को लेकर भाजपा तथा विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की चर्चा सामने आई थी। हालांकि, दोनों संगठनों की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना से किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार किया गया था। मामले में कुछ भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने तथा एससी-एसटी अधिनियम की धाराएं लगाए जाने के विरोध में बुधवार को भाजपा नेता आनंद साव, तपन चक्रवर्ती और विश्व हिंदू परिषद के सचिव विश्वजीत गोराई रानीगंज थाने पहुंचे। नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। थाना प्रभारी ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध जारी रहा। इसके बाद पुलिस ने थाना परिसर में कथित रूप से अशांति फैलाने के आरोप में आनंद साव और तपन चक्रवर्ती को हिरासत में ले लिया। लगातार सामने आ रहे इन घटनाक्रमों के बीच मंडल-1 समिति का विघटन राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी ने हालांकि समिति भंग करने के पीछे सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति और वर्तमान परिस्थितियों का हवाला दिया है। नई समिति के गठन तक कोर कमेटी संगठन की गतिविधियों का संचालन करेगी। वहीं, पुलिस कार्रवाई और संगठनात्मक फेरबदल को लेकर रानीगंज भाजपा के भीतर और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।