महंगी चीनी व खाद्य सामग्री को लेकर रानीगंज में प्रशासन की छापेमारी

रानीगंज। नित्य आवश्यक खाद्य सामग्रियों की बढ़ती कीमतों और संभावित अवैध जमाखोरी की जांच के लिए शनिवार को प्रशासन ने औद्योगिक नगरी रानीगंज के कई गोदामों और दुकानों में संयुक्त अभियान चलाया। सुबह से दिनभर चले इस अभियान में पुलिस, जिला प्रशासन तथा खाद्य विभाग के अधिकारियों ने चीनी सहित विभिन्न आवश्यक वस्तुओं के भंडारण की जांच की।

शनिवार को रानीगंज के इतवारी शाह मोड़ स्थित राजपुरिया ट्रेडर्स, जो चीनी के प्रमुख विक्रेताओं में शामिल है, की दुकान पर भी प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर जांच-पड़ताल की। अधिकारियों ने चीनी के स्टॉक, खरीद-बिक्री तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।
रानीगंज चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व सचिव अरुण कुंडू ने बताया कि रानीगंज में भी प्रशासन द्वारा जांच अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार शहर में किसी भी व्यापारी के यहां कोई बड़ी अनियमितता या दोष नहीं पाया गया है। व्यापारियों की ओर से प्रशासन को इस अभियान में पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
बताया जाता है कि पिछले कुछ समय में चीनी और अन्य खाद्य सामग्रियों की कीमतों में अचानक वृद्धि हुई है। जो चीनी पहले बाजार में 45 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बिक रही थी, वह अब कई स्थानों पर 65 से 70 रुपये तक पहुंच गई है। इसके अलावा प्याज, खाद्य तेल और विभिन्न दालों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम में भी वृद्धि दर्ज की गई है।
बढ़ती महंगाई से आम लोग परेशान हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी और मूल्य वृद्धि पर नजर रखने के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।
शनिवार को रानीगंज में जिला प्रशासन, खाद्य विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारियों ने आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी सेंट्रल ध्रुव साहा तथा रानीगंज थाना पुलिस के साथ मिलकर कई गोदामों और दुकानों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने यह जांच की कि कहीं निर्धारित सीमा से अधिक मात्रा में खाद्य सामग्री का अवैध भंडारण तो नहीं किया गया है। इसके साथ ही वस्तुओं के क्रय मूल्य और बिक्री मूल्य की भी जांच की गई।
हालांकि, रानीगंज में शनिवार को जिन गोदामों और दुकानों की जांच की गई, उनमें कुछ मामूली मामलों को छोड़कर किसी बड़े स्तर की अनियमितता सामने नहीं आई।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी असाधु व्यवसायी की गतिविधियों के कारण आम जनता को परेशानी न हो, इसके लिए आगे भी इस प्रकार के जांच अभियान जारी रहेंगे।