कोयला कारोबारियों का ऐलान: अब नहीं देंगे रंगदारी टैक्स, सिंडिकेट से जुड़े लोगों पर भी कस सकता है शिकंजा

रानीगंज: कोयला लिफ्टिंग के दौरान कथित रंगदारी वसूली के खिलाफ कोयला कारोबारियों ने अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। रानीगंज में आयोजित कोल ट्रेडर्स एसोसिएशन की दूसरी संयुक्त बैठक में कोलकाता, रानीगंज, कुल्टी, बराकर और धनबाद के व्यापारियों ने स्पष्ट घोषणा की कि अब किसी भी कीमत पर रंगदारी टैक्स या तथाकथित ‘गुंडा टैक्स’ नहीं दिया जाएगा। इसी बीच राजनीतिक हलकों में सिंडिकेट को लेकर नई चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा के एक वर्ग में यह चर्चा है कि वर्षों तक कथित सिंडिकेट व्यवस्था से लाभ उठाने वाले और बाद में अपनी पहचान बदलकर खुद को अलग दिखाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार, ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी को लेकर संगठनात्मक स्तर पर मंथन चल रहा है।
बैठक में व्यापारियों ने कहा कि चुनाव के बाद पुलिस-प्रशासन और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के कारण कथित रंगदारी वसूली में काफी कमी आई है। संगठन के अनुसार, जबरन वसूली के आरोप में अब तक 17 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिससे कोयला कारोबार सामान्य स्थिति की ओर लौटता दिखाई दे रहा है। हालांकि व्यापारियों का दावा है कि भनोड़ा और नरसुमदा कोलियरी क्षेत्रों में अब भी 500 से 600 रुपये प्रति टन की दर से अवैध वसूली की मांग की जा रही है।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि एक ट्रक को सुरक्षित निकालने के लिए एक लाख रुपये से अधिक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता था। उनका कहना है कि ई-ऑक्शन के माध्यम से वैध रूप से कोयला खरीदने के बावजूद कथित सिंडिकेट के कारण कारोबार करना मुश्किल हो गया था। इसी के विरोध में 8 मई को कोल ट्रेडर्स एसोसिएशन का गठन किया गया और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट में सामूहिक शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस और ईडी ने संयुक्त अभियान चलाया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब किसी भी कोलियरी क्षेत्र में रंगदारी टैक्स नहीं दिया जाएगा। यदि कहीं भी इस प्रकार की अवैध मांग की जाती है तो सभी व्यापारी एकजुट होकर उसका विरोध करेंगे और इसकी सूचना प्रशासन को देंगे।
आदित्य उर्फ संतोष सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष, पीयूष चौधरी को कार्यकारी सचिव, सतीश अग्रवाल को उपाध्यक्ष, संजय तोदी को कोषाध्यक्ष तथा प्रकाश बोहरा को समन्वयक बनाया गया है। संगठन जल्द ही अपना संविधान तैयार कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत नई कमेटी का गठन करेगा।