
रानीगंज में 14 दिसंबर से आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा, तैयारियां शुरू
रानीगंज। धार्मिक आस्था, आध्यात्मिक चेतना और भक्ति के संदेश से रानीगंज को सराबोर करने के उद्देश्य से श्री राधा कृष्ण सेवा संघ की ओर से आगामी 14 दिसंबर से 21 दिसंबर 2026 तक आठ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं और धर्मप्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है।

इसी सिलसिले में सीताराम जी भवन में एक धर्मसभा एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इसमें महामंडलेश्वर श्री राम गोविंद दास जी ने श्रीमद्भागवत कथा के आध्यात्मिक महत्व और आयोजन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाली आध्यात्मिक प्रेरणा का स्रोत है। इसके माध्यम से मनुष्य को धर्म, भक्ति, सदाचार, संस्कार और सत्कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। वर्तमान सामाजिक परिवेश में आध्यात्मिक मूल्यों और संस्कारों को मजबूत करना अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर रानीगंज के विधायक पार्थो घोष भी उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। विधायक ने कहा कि रानीगंज एक ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाला शहर है। यहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग आपसी आस्था, सद्भाव और भाईचारे के साथ रहते हुए व्यापार एवं वाणिज्य के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन शहर की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता को और मजबूत करते हैं।
वहीं महामंडलेश्वर श्री राम गोविंद दास जी ने विधायक पार्थो घोष को आशीर्वाद प्रदान करते हुए कहा कि बंगाल की समृद्ध संस्कृति और सभ्यता भले ही कुछ समय के लिए धूमिल हुई हो, लेकिन अब बंगाल फिर से अपनी सांस्कृतिक पहचान और गौरव के साथ आगे बढ़ रहा है।
आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन रानीगंज स्थित मारवाड़ी युवा सम्मेलन परिसर में किया जाएगा। आठ दिनों तक चलने वाली कथा में श्रीमद्भागवत के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति, धर्म और आध्यात्मिक ज्ञान का संदेश दिया जाएगा। आयोजन को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए संघ के सदस्य तैयारियों में जुट गए हैं।
श्री राधा कृष्ण सेवा संघ की ओर से क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों एवं श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने की अपील की गई है।