
दो दिनों की मूसलाधार बारिश से रानीगंज के कई इलाके जलमग्न
दो दिनों की मूसलाधार बारिश से रानीगंज के कई इलाके जलमग्न

दो दिनों की मूसलाधार बारिश से रानीगंज के कई इलाके जलमग्न, ईसीएल कॉलोनी के लोगों की बढ़ी परेशानी रानीगंज। लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने रानीगंज शहर एवं आसपास के क्षेत्रों की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। महावीर कोलियरी, यादवपाड़ा, यादव पार्क और हुसैन नगर सहित कई इलाकों में बारिश का पानी जमा होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई स्थानों पर गलियां और सड़कें पानी में डूब गईं, जबकि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कॉलोनियों में कई घरों के भीतर तक पानी प्रवेश कर गया। महावीर कोलियरी एवं यादव पार्क क्षेत्र के निवासियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां के निवासी बिरजू नाविक ने बताया कि लगातार बारिश के कारण इलाके में जलजमाव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के समय हम लोग पूरी तरह असहाय महसूस करते हैं। हुसैन नगर में भी इस बार बारिश ने अपना असर दिखाया। घंटों तक गलियों और मोहल्लों में पानी जमा रहा। हालांकि जलजमाव के बीच कुछ बच्चे खेलते और बारिश का आनंद उठाते नजर आए, लेकिन बुजुर्गों, बीमारों और असहाय लोगों के लिए यही पानी बड़ी मुसीबत बन गया। एक बुजुर्ग व्यक्ति, जो घुटने और कमर की हड्डी में चोट के कारण लंबे समय से बिस्तर पर हैं, उनके परिवार को जलजमाव के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ी। परिजनों ने कहा कि ऐसी स्थिति में घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय निवासी चंदन प्रसाद ने बताया कि करीब तीन-चार वर्ष पहले भी इसी तरह की भारी बारिश के बाद इलाके में गंभीर जलजमाव हुआ था। उन्होंने कहा कि दुख की बात यह है कि यह ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की कॉलोनी है, लेकिन प्रभावित लोगों को अब तक अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हुसैन नगर में जलजमाव की समस्या कोई नई नहीं है। हर वर्ष बारिश के दौरान गलियां और मोहल्ले पानी से भर जाते हैं। इसका मुख्य कारण जल निकासी की समुचित व्यवस्था का अभाव है। कई स्थानों पर मकान बिना उचित योजना के बने हैं। न तो पर्याप्त नालियां हैं और न ही बारिश के पानी की निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन एवं ईसीएल प्रबंधन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था करने, नालियों की सफाई और आवश्यक निर्माण कार्य कराने की मांग की है, ताकि हर वर्ष बारिश के दौरान लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।