
रानीगंज। आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन को सख्त कदम उठाना चाहिए। पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत पश्चिम बर्दवान जिला खाद्य सुरक्षा शाखा द्वारा चलाए जा रहे ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ अभियान के तहत रानीगंज में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दो चायपत्ती दुकानों पर औचक छापेमारी की।


जानकारी के अनुसार, रानीगंज के दाल पट्टी स्थित चोपड़ा एंटरप्राइज तथा मारवाड़ी पट्टी एवं लंबू गली के मुहाने पर स्थित प्रकाश की दुकान में जांच की गई। दोनों दुकानें एक ही परिवार द्वारा संचालित बताई जा रही हैं। जांच के दौरान करीब 250 किलोग्राम निम्न गुणवत्ता वाली चायपत्ती को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया, जबकि कुछ चायपत्ती के नमूनों को सील कर वैज्ञानिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को गुप्त सूचना मिली थी कि उक्त दुकानों पर तय मानकों की अनदेखी कर घटिया गुणवत्ता वाली चायपत्ती की बिक्री की जा रही है। इसी आधार पर मोबाइल लैब के साथ पहुंची टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों में जांच अभियान चलाया।
‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) तथा राज्य स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष पहल है, जिसके माध्यम से बाजारों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच, मिलावट की पहचान और लोगों में खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया जाता है।
छापेमारी की सूचना मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और पूरी कार्रवाई व्यापारियों एवं आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जुगल किशोर गुप्ता ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले व्यापारियों के प्रति किसी प्रकार की सहानुभूति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कारोबारियों की वजह से पूरे व्यापार जगत की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ प्रशासन को कठोर कार्रवाई करनी चाहिए और व्यापार संगठन भी ऐसे लोगों का समर्थन नहीं करेगा।