
सूरत में फाल्गुन का रंग: श्याम भक्ति में सराबोर होली की उमंग
फाल्गुन का महीना सूरत में अब पूरी तरह रंग पकड़ने लगा है। बसंत की सुहानी दस्तक के साथ जैसे ही संध्या उतरती है, वातावरण होली के उल्लास में डूब जाता है। विशेषकर श्याम मंदिर सूरत का प्रांगण इन दिनों भक्ति और रंगों की अनूठी छटा से आलोकित दिखाई देता है।
पिछले एक दशक से जब से बाबा श्याम सूरत की धरती पर विराजमान हुए हैं, श्याम भक्तों का उत्साह निरंतर बढ़ा है। एक समय था जब शाम के वक्त लोग अन्य आमोद-प्रमोद में व्यस्त रहते थे, किंतु आज स्थिति बदल चुकी है—संध्या होते ही कदम स्वतः श्याम मंदिर की ओर मुड़ जाते हैं।
राजस्थानी होली गीतों की मधुर स्वर लहरियों के बीच “सांवरिया ओ सांवरिया” जैसे भजनों पर भक्त भाव-विभोर हो उठते हैं। रंग और भक्ति का ऐसा समन्वय होता है कि समय का आभास ही नहीं रहता। होली के दिन यहाँ रंग-गुलाल के साथ फूलों की होली का विशेष आकर्षण रहता है, जो इस उत्सव को और भी दिव्य बना देता है।

मंदिर के भक्तगण और कार्यकर्ता पूरे समर्पण के साथ इस पावन पर्व की तैयारियों में जुटे हैं। प्रतिदिन नई उमंग, नई ऊर्जा और नई आस्था के साथ श्याम नाम का जयघोष गूंजता है। देशभर में सूरत के श्याम मंदिर की आस्था, सौंदर्य और आध्यात्मिक आकर्षण की विशिष्ट पहचान बन चुकी है।
दोस्तों आज मेरी पहली रचना है इस रचना के माध्यम से आप तक पहुंचाने का मेरा प्रयास है मैं प्रयास करूंगा सूरत के तमाम प्रसंग को इस पोर्टल के माध्यम से देने की
—