रानीगंज के सनसनीखेज 20 लाख की चोरी का खुलासा, अपराधी गिरफ्तार
आरोपी का बयान: “मैं माफिया के चंगुल में फंस गया, चोरी की रकम माफियाओं ने लपेट ली”


नये साल के पहले सप्ताह में मिली इस बड़ी सफलता के तहत पुलिस ने क्षेत्र में हुई कुल 29 चोरियों में से 23 मामलों का खुलासा कर दिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर निवासी आशराफुल मंडल (30) के रूप में हुई है, जो करीब 350 किलोमीटर दूर से आकर रानीगंज और आसपास के इलाकों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
सीसीटीवी फुटेज बनी अहम कड़ी
23 अक्तूबर 2025 को कालीतला इलाके में समीरन कुंडू के घर हुई चोरी की जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग हाथ लगा। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में आरोपी की एक विशिष्ट बनियान स्पष्ट नजर आई। इसी आधार पर तकनीकी साक्ष्यों के सहारे आरोपी की पहचान कर उसे दबोचा गया।
ब्लाइंड केस का भी पर्दाफाश
पूछताछ के दौरान आरोपी ने 20 मार्च 2024 को जगन्नाथ गार्डन निवासी उमेश दुकनिया के घर के नीचे स्थित दुकान से हुई करीब 20 लाख रुपये की चोरी में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की। यह मामला लंबे समय से पुलिस के लिए ब्लाइंड केस बना हुआ था।
चोरी के जेवर ठिकाने लगाने वाला सुनार भी गिरफ्त में
आशराफुल की निशानदेही पर पुलिस ने देगंगा निवासी नाजिमुल मंडल को भी गिरफ्तार किया है, जो चोरी के गहनों को खरीदने और ठिकाने लगाने का काम करता था। उसके पास से भारी मात्रा में चोरी के जेवरात और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आशराफुल मंडल पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में 30 से अधिक चोरियों में शामिल रहा है। थाना प्रभारी विकास दत्त ने बताया कि रानीगंज थाना क्षेत्र में पिछले वर्ष हुई लगभग सभी बड़ी चोरियों का खुलासा हो चुका है, जबकि पंजाबी मोड़ और निमचा इलाके की छोटी चोरियों पर जांच जारी है।