
रानीगंज ।रानीगंज के सियारशोल राज मैदान में आयोजित रानीगंज पुस्तक मेला–2026 का उद्घाटन संयुक्त रूप से आसनसोल के जिला मजिस्ट्रेट एस. पूणे बालम, विधायक तापस बनर्जी, काजी नजरुल इस्लाम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उदय बंद्योपाध्याय, आसनसोल रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी सोमानंद जी महाराज एवं मेला समिति के अध्यक्ष अमरनाथ चटर्जी ने किया। उद्घाटन के पश्चात अतिथियों द्वारा एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए जिला मजिस्ट्रेट एस. पूणे बालम ने कहा कि पुस्तक को हमें अपना सच्चा मित्र बनाना चाहिए, क्योंकि जब सब साथ छोड़ देते हैं तब पुस्तक ही हमारा सहारा बनती है। मोबाइल और सोशल मीडिया के इस युग में पुस्तकों से दूर होना अच्छा संकेत नहीं है, इसलिए दैनिक जीवन में पुस्तक पढ़ने की आदत को बढ़ाना आवश्यक है।

कुलपति प्रो. संदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि शिक्षा से रोजगार मिलता है, जबकि दीक्षा से आत्मिक उन्नति होती है। उन्होंने कहा कि इस राजबाड़ी मैदान की मिट्टी में काजी नजरुल इस्लाम की स्मृतियां आज भी बसी हैं, जिन्हें हम पुस्तकों के माध्यम से संजोकर रख सकते हैं। स्वामी सोमानंद जी महाराज ने कहा कि जैसे योग और व्यायाम से शरीर स्वस्थ रहता है, वैसे ही पुस्तक अध्ययन से मन स्वस्थ और सशक्त होता है।
अध्यक्ष अमरनाथ चटर्जी ने लोगों से पुस्तक मेला में आकर पुस्तक खरीदने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई स्वयं न भी पढ़ पाए तो घर में रखी पुस्तकें अतिथियों के लिए भी प्रेरणा बनती हैं। विधायक तापस बनर्जी ने स्वागत भाषण में कहा कि वर्तमान समय में भी पुस्तकों की प्रासंगिकता बनी हुई है और लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष मेला में 48 पुस्तक स्टॉल सहित लगभग 50 अन्य स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी उपलब्ध हैं।
उल्लेखनीय है कि यह पुस्तक मेला 16 जनवरी से 22 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से रात 9.30 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा, जिसमें प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क है।