
रानीगंज में बुनियादी सुविधाओं का संकट: साफ-सफाई व्यवस्था चरमराई, लोगों में आक्रोश
रानीगंज। शहर में लगातार बुनियादी सुविधाओं के प्रति लापरवाही का सिलसिला जारी है। साफ-सफाई से लेकर रास्तों-घाटों की मरम्मत तक आम लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। नगर निगम की सफाई व्यवस्था भी संसाधनों की कमी से जूझ रही है, जिससे स्थिति और गंभीर बन गई है।
नगर निगम के सफाईकर्मियों के अनुसार, साफ-सफाई वाले वाहनों की भारी कमी है। जो वाहन उपलब्ध हैं, वे जर्जर अवस्था में हैं। कई वाहनों की बैटरी पुरानी हो चुकी है और सुबह उन्हें चालू करना भी एक ‘मशक्कत’ जैसा काम हो गया है। धक्का मारकर या टोचन के सहारे ही अधिकांश वाहन स्टार्ट होते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि साफ-सफाई के दौरान यदि वाहन बंद हो जाए, तो उसे दोबारा चालू करना बेहद कठिन हो जाता है।

91 नंबर वार्ड के निवासी तो आए दिन साफ-सफाई को लेकर नाराज़ दिखाई देते हैं। अन्य मोहल्लों का भी यही हाल है। गंदगी और कचरे के ढेरों की वजह से पर्यावरण की स्थिति बदतर हो गई है। प्रदूषण का स्तर 326 तक पहुंच चुका है, जिसमें साफ-साफ सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। विशेषकर मंगलपुर औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला प्रदूषण और ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के ट्रांसपोर्टिंग की वजह से हवा और अधिक दूषित हो रही है।
रानीगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रोहित खेतान ने संबंधित अधिकारियों को पत्र देकर पर्यावरण नियंत्रण पर कड़े कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रदूषित वातावरण की वजह से लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं।
इधर, रानीगंज के अध्यक्ष मुजम्मिल शहज़ाद ने कहा कि
“संसाधनों की कमी के बावजूद हम लोग हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समस्या तभी खत्म होगी जब लोग भी जागरूक बनेंगे। कई जगहों पर लोग अब भी घर का कचरा जहां-तहाँ फेंक देते हैं। यह आदत बदलनी ही होगी।”